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एक युवती की आश्चर्यजनक चंगाई: शैतानी प्रभाव से लेकर परमेश्वर की कृपा तक की यात्रा यह कहानी बिहार की एक सिस्टर रिंकी की है, जिसने 11 साल की उम्र से लेकर 17 साल की उम्र तक शारीरिक, मानसिक और आत्मिक यातना सही। शैतानी आत्माओं का असर, पारिवारिक गरीबी, पिता की मृत्यु, मां की गंभीर बीमारी — इन सबने इस परिवार को तोड़ दिया। लेकिन प्रभु यीशु मसीह की सच्ची शिक्षा और सुखपाल राणा मिनिस्ट्री के द्वारा किए गए layhand (हाथ रखकर प्रार्थना) से उन्हें पूरी चंगाई मिली। पढ़ें यह प्रेरणादायक गवाही। 1️⃣ बचपन से शुरू हुई पीड़ा रिंकी मात्र 11 साल की थी जब उसके शरीर में अत्यधिक जलन और बेचैनी महसूस होने लगी। हालत इतनी बिगड़ गई कि वह कई बार कपड़े पहनना भी असहज महसूस करती थी। परिवार ने तांत्रिकों और हवन-पूजन में सब कुछ आज़माया, लेकिन राहत नहीं मिली। 2️⃣ शैतानी आत्माओं का प्रभाव और पारिवारिक त्रासदी रिंकी के पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई। मां की भी तबीयत बिगड़ी और उनके दिल ने काम करना लगभग बंद कर दिया। बहनों पर भी बुरे आत्माओं का प्रभाव दिखने लगा। घर में ग...
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