सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

FollowLike - Social Exchange Networking

FollowLike - Social Exchange Networking

FAQ

🙏 पवित्र आत्मा का बपतिस्मा – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह एक आत्मिक अनुभव है जिसमें विश्वासी परमेश्वर की आत्मा से भर जाता है और उसकी शक्ति में चलता है।

हाँ। उद्धार यीशु को स्वीकार करना है, और पवित्र आत्मा का बपतिस्मा आत्मिक शक्ति प्राप्त करना है।

प्रार्थना, आत्मिक渇ि और विश्वास द्वारा इसे माँगें। परमेश्वर इसे अपने समय में देता है।

कई लोग अन्य भाषा में बोलने लगते हैं, आत्मिक फल प्रकट होते हैं, और नई शक्ति का अनुभव होता है।

हाँ, यह अनुभव हर विश्वासी के लिए है। प्रेरितों के काम 2:39 इसका प्रमाण है।

पवित्र आत्मा से भरना कोई जादुई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक आत्मिक渇ि, समर्पण, और विश्वास का परिणाम है। बाइबल कहती है:"यदि तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन लोगों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा जो उससे माँगते हैं?" (लूका 11:13)

परमेश्वर पवित्र आत्मा उन्हें देता है जो दिल से渇ि रखते हैं। सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि आत्मा में渇ि ज़रूरी है (यूहन्ना 7:37-39)।

पवित्र आत्मा एक उपहार है (Acts 2:38)। आप इसे प्राप्त कर सकते हैं यदि आप खुले दिल से माँगें और प्रतीक्षा करें। “माँगो तो तुम्हें मिलेगा।” (मत्ती 7:7)

पवित्र आत्मा यीशु की प्रतिज्ञा है उन लोगों के लिए जो उस पर विश्वास करते हैं। उद्धार के बाद आत्मा से भरना एक अगला कदम है।

पवित्र आत्मा एक पवित्र आत्मा है — वह अशुद्धता में नहीं ठहरता। हमें पापों से पश्चाताप करके शुद्ध हृदय रखना चाहिए (1 थिस्सलुनीकियों 4:7-8)।

जब आप आत्मिक संगीत, आराधना, वचन सुनने और आत्मिक जनों की संगति में रहते हैं, तो आत्मा आपकी आत्मा को भरने लगता है।

प्रेरितों के काम 8 और 19 में हम पाते हैं कि जब विश्वासियों ने हाथ रखकर प्रार्थना की, तो लोग पवित्र आत्मा से भर गए।

कुछ लोग तुरंत भर जाते हैं, कुछ धीरे-धीरे। महत्वपूर्ण यह है कि आप आत्मा के लिए खुले रहें और परमेश्वर की अगुवाई में चलें।

👉 अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें और शुकपाल राणा सेवकाई से जुड़ें।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चमत्कार की भूमि पर स्वागत है – यीशु मसीह के नाम से बदलती ज़िंदगियाँ (Sukhpal Rana Ministry Healing Testimonies)

✝️ चमत्कार की भूमि पर स्वागत है – यीशु मसीह के नाम से बदलती ज़िंदगियाँ परमेश्वर अभी भी चमत्कार करता है – और ये गवाहियाँ उसी जीवित परमेश्वर की महिमा को दर्शाती हैं। 👉 यदि आप कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से चंगाई की कहानी पढ़ना चाहते हैं, तो इस अद्भुत गवाही को पढ़ें । 🙏 मनोज की गवाही – पांच साल की रीढ़ की समस्या से छुटकारा मनोज हसदा, झारखंड से एक सेवक हैं, जो प्रभु के लिए 50 से अधिक परिवारों को जोड़ चुके हैं। लेकिन खुद रीढ़ की हड्डी (L4, L5, S1) की गंभीर समस्या से पीड़ित थे। यूरिन रुक जाता था, नसें बंद थीं, डॉक्टर ऑपरेशन की सलाह दे चुके थे। जब उन्होंने Sukhpal Rana Ministry की Thursday Meeting में भाग लिया, तो यीशु मसीह के नाम से वह पूरी तरह चंगाई प्राप्त कर चुके थे । जो चल नहीं सकता था, वो अब दौड़ रहा है। ➤ रीढ़ की हड्डी की चमत्कारिक चंगाई पढ़ें 👵 मनोज की 80 वर्षीय मां – बुढ़ापे में भी चंगाई संभव है तीन सालों से बहते कान, शुगर, हार्ट की बीमारी और घुटनों के दर्द से जूझ रही एक वृद्ध महिला, जब अपने बेटे की चंगाई देखती हैं, तो विश्वास में बढ़ती हैं। परिणाम? शुगर की गोली बंद, कानों की...

एक युवती की आश्चर्यजनक चंगाई: शैतानी प्रभाव से लेकर परमेश्वर की कृपा तक की यात्रा

एक युवती की आश्चर्यजनक चंगाई: शैतानी प्रभाव से लेकर परमेश्वर की कृपा तक की यात्रा यह कहानी बिहार की एक सिस्टर रिंकी की है, जिसने 11 साल की उम्र से लेकर 17 साल की उम्र तक शारीरिक, मानसिक और आत्मिक यातना सही। शैतानी आत्माओं का असर, पारिवारिक गरीबी, पिता की मृत्यु, मां की गंभीर बीमारी — इन सबने इस परिवार को तोड़ दिया। लेकिन प्रभु यीशु मसीह की सच्ची शिक्षा और सुखपाल राणा मिनिस्ट्री के द्वारा किए गए layhand (हाथ रखकर प्रार्थना) से उन्हें पूरी चंगाई मिली। पढ़ें यह प्रेरणादायक गवाही। 1️⃣ बचपन से शुरू हुई पीड़ा रिंकी मात्र 11 साल की थी जब उसके शरीर में अत्यधिक जलन और बेचैनी महसूस होने लगी। हालत इतनी बिगड़ गई कि वह कई बार कपड़े पहनना भी असहज महसूस करती थी। परिवार ने तांत्रिकों और हवन-पूजन में सब कुछ आज़माया, लेकिन राहत नहीं मिली। 2️⃣ शैतानी आत्माओं का प्रभाव और पारिवारिक त्रासदी रिंकी के पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई। मां की भी तबीयत बिगड़ी और उनके दिल ने काम करना लगभग बंद कर दिया। बहनों पर भी बुरे आत्माओं का प्रभाव दिखने लगा। घर में ग...

एक युवती की आश्चर्यजनक चंगाई: शैतानी प्रभाव से लेकर परमेश्वर की कृपा तक की यात्रा

यह कहानी बिहार की एक सिस्टर रिंकी की है, जिसने 11 साल की उम्र से लेकर 17 साल की उम्र तक शारीरिक, मानसिक और आत्मिक यातना सही। शैतानी आत्माओं का असर, पारिवारिक गरीबी, पिता की मृत्यु, मां की गंभीर बीमारी — इन सबने इस परिवार को तोड़ दिया। लेकिन प्रभु यीशु मसीह की सच्ची शिक्षा और सुखपाल राणा मिनिस्ट्री के द्वारा किए गए layhand (हाथ रखकर प्रार्थना) से उन्हें पूरी चंगाई मिली। पढ़ें यह प्रेरणादायक गवाही। 1️⃣ बचपन से शुरू हुई पीड़ा रिंकी मात्र 11 साल की थी जब उसके शरीर में अत्यधिक जलन और बेचैनी महसूस होने लगी। हालत इतनी बिगड़ गई कि वह कई बार कपड़े पहनना भी असहज महसूस करती थी। परिवार ने तांत्रिकों और हवन-पूजन में सब कुछ आज़माया, लेकिन राहत नहीं मिली। 2️⃣ शैतानी आत्माओं का प्रभाव और पारिवारिक त्रासदी रिंकी के पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई। मां की भी तबीयत बिगड़ी और उनके दिल ने काम करना लगभग बंद कर दिया। बहनों पर भी बुरे आत्माओं का प्रभाव दिखने लगा। घर में गरीबी और मानसिक तनाव लगातार बढ़ता गया। 3️⃣ मसीही विश्वास की ओर पहला कदम 2024 में किसी के द्वारा रिंकी को प्रभु यीशु मसीह के बा...